मध्यप्रदेश

समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन 10 और 15 अप्रैल से

Wheat procurement at support price from April 10 and 15

DKA. BHOPAL

मध्यप्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीदी को लेकर व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस संबंध में सोमवार को कैबिनेट समिति की एक उच्च स्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से आयोजित की गई, जिसमें राज्य में गेहूँ उपार्जन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि कैबिनेट समिति ने निर्णय लिया है कि इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम और भोपाल संभाग में गेहूँ की खरीदी का कार्य 10 अप्रैल 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। प्रदेश के शेष संभागों में उपार्जन कार्य 15 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। सरकार ने सभी संबंधित विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसमें खरीदी केंद्रों की स्थापना, भंडारण क्षमता, परिवहन व्यवस्था और भुगतान प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाना शामिल है।

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि बैठक में वैश्विक परिदृश्य, विशेष रूप से मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए खाद्यान्न आपूर्ति एवं भंडारण व्यवस्था पर विशेष चर्चा की गई। समिति ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से गेहूँ खरीदी की प्रक्रिया को सुचारु, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो और भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। इसके लिए डिजिटल भुगतान प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने तथा निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, परिवहन एवं स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री राव उदय प्रताप सिंह, किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत तथा पशुपालन एवं डेयरी विभाग के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री श्री लखन पटेल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि समय पर और व्यवस्थित गेहूँ खरीदी से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा, बल्कि प्रदेश में खाद्यान्न प्रबंधन भी सुदृढ़ होगा। इसके साथ ही, बदलते वैश्विक हालातों के बीच यह कदम राज्य की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरुण शमी, आयुक्त खाद्य श्री कर्मवीर शर्मा और नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंध संचालक श्री अनुराग वर्मा भी उपस्थित थे।

मध्य प्रदेश में एक बार फिर किसानों के साथ अन्याय

संतोष राठौड़ संयुक्त किसान मोर्च (गैर राजनीतिक) कोर कमेटी सदस्य राष्ट्रीय प्रापक्ता  राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ne kha मध्य प्रदेश में एक बार फिर किसानों के साथ अन्याय की स्थिति बनती दिख रही है। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तारीख बढ़ाने का फैसला सीधे-सीधे किसानों की मेहनत और उम्मीदों पर चोट है। जब किसान अपनी फसल तैयार करके मंडी तक लाता है, तब उसे समय पर खरीदी की उम्मीद होती है—लेकिन देरी के कारण उसे मजबूरी में कम दाम पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है।
किसान पहले से ही कई जिम्मेदारियों के बोझ तले दबा हुआ है—बैंक ऋण चुकाना, बिजली बिल जमा करना, परिवार की जरूरतें पूरी करना और बेटियों की शादी जैसे महत्वपूर्ण कार्य। ऐसे समय में अगर सरकार समय पर खरीदी शुरू नहीं करती, तो यह स्थिति किसानों के लिए और भी कठिन हो जाती है।
यदि खरीदी समय पर प्रारंभ होती, तो किसानों को न तो आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता और न ही उन्हें अपनी उपज औने-पौने दाम पर बेचनी पड़ती।
सरकार से निवेदन है कि किसानों की समस्याओं को गंभीरता से समझते हुए तुरंत प्रभाव से समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू की जाए, ताकि अन्नदाता को उसका उचित हक और सम्मान मिल सके।
“किसान मजबूत होगा, तभी देश समृद्ध होगा।”

Divyango ki Awaz

Related Articles

Back to top button