रिपोर्टर से बदतमीजी पड़ी भारी, मंत्री को मांगनी पड़ी माफी
Minister forced to apologize for misbehaving with a reporter

DKA. भोपाल
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय अक्सर अपने बयानों की वजह से विवादों में घिरे रहते हैं। इंदौर शहर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौतें हो चुकी है तो सैकड़ों लोग बीमार हैं। इस बीच मदद के दौरान मीडिया के पूछे गए सवाल पर विजयवर्गीय इतने भड़के गए कि फोकट प्रश्न बता दिया और पत्रकार से ही बदसलूकी करने लगे। पत्रकार ने तुरंत उन्हें टोका और उन्हें नसीहत दे डाली कि वह अपने शब्दों का चयन सुधारें। इसका वीडियो वायरल होने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने एक्स पर पोस्ट करके कहा है कि उनके मुंह से गलत शब्द निकल गए और वह इसके लिए खेद प्रकट कर रहे हैं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एनडीटीवी के पत्रकार अनुराग द्वारी ने इसी घटनाक्रम के बारे में कैलाश विजयवर्गीय से पूछा कि भागीरथपुरा क्षेत्र के कई मरीजों को निजी अस्पतालों को चुकाए गए बिल का भुगतान नहीं मिला है और इस इलाके के नागरिकों के लिए पीने के पानी की ठीक व्यवस्था नहीं की गई है, तो वह अचानक बिफर गए। मीडिया के कैमरों के सामने इस सवाल पर आपा खोते हुए उन्होंने कहा, ‘छोड़ो यार, तुम फोकट (फालतू) प्रश्न मत पूछो।Ó इस पर अनुराग द्वारी ने उन्हें टोका कि यह फोकट सवाल नहीं है। इस पर तो कैलाश का पारा और हाई हो गया, उन्होंने कहा, तुम घंटा हो क्या?
इस पर अनुराग द्वारी ने तुरंत उन्हें टोका कि इतने वरिष्ठ मंत्री होकर उन्हें ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। कैलाश विजयवर्गीय के साथ मौजूद लोगों ने अनुराग से बहस शुरू कर दी लेकिन अनुराग शालीनता से उन्हें यह कहते रहे कि उन्हें ऐसे शब्दों का प्रयोग करके बात नहीं करनी चाहिए और सवालों का जवाब देना चाहिए। देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद कैलाश विजयवर्गीय की फजीहत होने लगी तो उन्होंने सफाई देते हुए खेद प्रकट दिया है।
अपने एक्स पोस्ट में कैलाश विजयवर्गीय ने लिखा है, मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। दूषित पानी से मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए, इस गहरे द ख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए। इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं लेकिन जब तक मेरे लोग पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ नहीं हो जाते, मैं शांत नहीं बैठूंगा।
ज्ञात हो कि इंदौर के जिस भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से लोगों की मौतें हुई हैं वह इलाका कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र इंदौर-1 में आता है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के कारण डायरिया के प्रकोप से अब तक चार लोगों की मौत हुई है जबकि 212 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है जिनमें से 50 व्यक्तियों को स्वस्थ होने के बाद छुट्टी दी जा चुकी है। हालांकि, स्थानीय लोगों ज्यादा मौतों का दावा कर रहे हैं और बुधवार को ही इंदौर के मेयर पुष्य मित्र भार्गव ने 7 मौतों की बात कही थी।

