MP : 12 स्टेशनों पर दिव्यांग संभालेंगे टिकट मशीनें
MP: Disabled people will handle ticket machines at 12 stations

DKA. Bhopal
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भारतीय रेलवे ने ग्वालियर सहित 12 प्रमुख स्टेशनों पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों (ATVM) के संचालन की जिम्मेदारी दिव्यांगों को सौंपने का निर्णय लिया है। यह पहल दिव्यांगों को रोजगार के अवसर प्रदान करेगी और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ेगी, जिससे स्टेशन पर टिकट सुविधा को प्रबंधित करने में उनकी भूमिका सुनिश्चित होगी।
जिससे उन्हें सम्मानजनक रोजगार मिल सके । इसके तहत मंडल के ग्वालियर सहित 12 प्रमुख स्टेशनों पर 22 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन संचालित करने के लिए 65 दिव्यांगों को नियुक्त किया जाएगा । यह अवसर विशेष रूप से उन दिव्यांगजनों के लिए है जो चलने- फिरने में अक्षम हैं । योजना का उद्देश्य ऐसे लोगों को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर
बनाना और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है । जिन स्टेशनों पर यह व्यवस्था लागू होगी , उनमें ग्वालियर के साथ वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी , मुरैना , बांदा , चित्रकूट धाम कर्वी , महोबा , ललितपुर , डबरा , दतिया , उरई , खजुराहो और हरपालपुर शामिल हैं । टिकट वेंडिंग मशीन के पास बैठकर ये दिव्यांग यात्रियों को टिकट निकालकर देंगे , जिससे उन्हें एक निश्चित आय प्राप्त होगी ।
भीड़ से मिलेगी मुक्ति
रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि अक्सर देखा जाता है कि यात्री ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन चलाने में हिचकिचाते
हैं और जनरल टिकट की लंबी लाइनों में लगे रहते हैं । अब मशीनों पर दिव्यांग टिकट मित्र मौजूद रहेंगे , तो यात्रियों को
बिना किसी तकनीकी परेशानी के तुरंत टिकट मिल सकेगा । बुकिंग काउंटरों पर भीड़ कम होगी । स्टेशन परिसर में यात्रियों
को बेहतर सुविधा मिलेगी । दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए बनाई है योजना दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए यह योजना तैयार की गई है । हमारा लक्ष्य उन्हें रेलवे परिसर में ही सम्मानजनक
रोजगार उपलब्ध कराना है । पात्र अभ्यर्थी 27 मार्च तक आधिकारिक वेबसाइट पर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं । मनोज कुमार , पीआरओ , झांसी मंडल

