होर्मुज में ईरान के टैक्स लेने पर भड़के डोनाल्ड ट्रंप
Donald Trump furious over Iran's tax collection in Hormuz

DKA. NEW DELHI
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल की आवाजाही को बाधित करने के तरीके पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि ईरान इस मामले में बहुत खराब काम कर रहा है और इसे अशोभनीय बताया। युद्धविराम की प्रभावशीलता पर सवाल राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल को गुजरने देने के मामले में बहुत खराब काम कर रहा है, कुछ लोग इसे अशोभनीय कहेंगे। यह वह समझौता नहीं है जो हमने किया है।”
डोनाल्ड ट्रंप की यह टिप्पणी तेल टैंकरों से शुल्क लेने की रिपोर्टें सामने आने के बाद आई है। इससे पहले ट्रंप ने यह भी ट्वीट किया था कि ऐसी रिपोर्टें हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों से शुल्क ले रहा है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए और अगर वे कर रहे हैं, तो उन्हें अभी बंद कर देना चाहिए।”
मामले पर क्या बोला व्हाइट हाउस?
व्हाइट हाउस युद्धविराम समझौते के हिस्से के रूप में जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समर्थन करता है। हालांकि, उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप ईरान के सैन्य बल का विरोध करते हैं, जो अभी भी जलमार्ग को नियंत्रित करता है और गुजरने वाले जहाजों पर टोल वसूल कर राजस्व बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
दबाव की राजनीति में जुटे ईरान-अमेरिका
युद्धविराम की घोषणा के साथ जीत की दावा करते हुए ईरान और अमेरिका एक-दूसरे पर दबाव बनाने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों ने खबर दी है कि सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछा दी हैं, जो तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है और जिसे तेहरान ने बंद कर दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान समझौते का पालन नहीं करता है तो अमेरिकी सेना पहले से भी ज्यादा कठोर कार्रवाई करेगी।
idhar इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा इस्राइल के विनाश की बात करना बेहद आपत्तिजनक और अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि यह ऐसा बयान है जिसे किसी भी सरकार की ओर से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, खासकर तब जब वह खुद को शांति का पक्षधर बताती है।

