मध्यप्रदेश

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वृहद मेगा शिविर आयोजित, 750 से अधिक नागरिकों को किया गया शासन की योजनाओं से लाभान्वित

District Legal Services Authority organised a mega camp, more than 750 citizens benefited from government schemes.

  •  मानसिक स्वास्थ्य एवं दिव्यांगजनों के अधिकार रही शिविर की थीम, ब्लड डोनेशन कैंप
    में एकत्रित किया गया 15 यूनिट रक्त, प्रधान जिला न्यायाधीश ने किया रक्तदान
  • विभिन्न योजनाओं हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, टीएलएम किट, ब्रेल किट आदि प्रदान किए
  • दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम एवं मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी

DKA. सीहोर 

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा सीहोर के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान में मेगा लीगल आउटरीच एवं जागरूकता शिविर संवेदना आयोजित किया गया। शिविर का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष संजीव कुमार अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर कार्यक्रम में कलेक्टर बालागुरू के. और एसपी दीपक कुमार शुक्ला सहित न्यायाधीशगण शामिल हुए।


इस मेगा शिविर की मुख्य थीम मानसिक स्वास्थ्य एवं दिव्यांगजनों के अधिकार रखी गई, जिसमें जिले सभी विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए और 750 से अधिक नागरिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी प्रदान किए गए। प्रधान जिला न्यायाधीश ने विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण किया और विभिन्न योजनाओं हितग्राहियों को प्रमाण-पत्र, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, टीएलएम किट, ब्रेल किट आदि प्रदान किए। मेगा शिविर में आयोजित ब्लड डोनेशन कैंप में 15 यूनिट ब्लड एकत्रित किया गया, जिसमें प्रधान जिला न्यायाधीश अग्रवाल एवं न्यायाधीश दीपेन्द्र मालू ने भी रक्तदान किया। इस दौरान टीबी स्क्रीनिंग एवं एक्स-रे के माध्यम से 51 लोगो का बी.पी. शुगर चेक किया गया और 350 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
इस अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश ने दिव्यांगजनों के अधिकार, विधिक प्रावधान, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 में विधिक सेवा संस्थाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यह संदेश दिया कि हम सभी संवेदनशील बने एवं दिव्यांगजनों के साथ हर जरूरतमंद की सहायता के लिए तत्पर रहें। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सभी विभागों को एक मंच पर लाकर आमजन को लाभान्वित करने का एक सशक्त माध्यम हैं। प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय वैभव मंडलोई द्वारा दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम एवं मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
स्वप्नश्री सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा बताई: स्वप्नश्री सिंह ने कायक्रम की रूपरेर्खा एवं आयोजन के उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डालते हुये बताया गया कि इस कार्यक्रम का नाम संवेदना रखा गया क्योंकि इसका प्राथमिक उद्देश्य आमजन के मध्य संवेदनशीलता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर एनआईएमएचआर के विद्यार्थियों द्वारा नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी गई। इस कार्यक्रम को सफल करवाने के लिए स्वप्नश्री सिंह कई दिनों से प्रयास कर रही थी।
हस्ताक्षर कर किया पौधारोपण
मेगा शिविर के शुभारंभ अवसर पर प्रधान जिला न्यायाधीश अग्रवाल, कलेक्टर बालागुरू के., एसपी दीपक कुमार शुक्ल, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय वैभव मंडलोई, विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव स्वप्नश्री सिंह, अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अनिल पारे निदेशक अखिलेश कुमार शुक्ला द्वारा हस्ताक्षर पट्टिका पर हस्ताक्षर किए गए और पंच ज योजना के अंतर्गत पौधारोपण भी किया गया।

विधिक सेवा शिविर मॉड्यूल के अनुसार आयोजित किया गया शिविर
यह शिविर नालसा विधिक सेवा शिविर मॉड्यूल के अनुसार आयोजित किया गया, जिससे लाभार्थियों को न केवल जागरूक किया गया, बल्कि उन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं और कानूनी उपायों से प्रभावी ढंग से जो?कर लाभ प्रदान किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनता, विशेषकर हाशिए पर रहने वाले और कमजोर वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों, मुफ्त कानूनी सेवाओं की उपलब्धता और विभिन्न हृ्ररुस््र योजनाओं के प्रचार-प्रसार के बारे में जागरूक करना है। इन योजनाओं में असंगठित श्रमिकों, महिलाओं और बच्चों, मानव तस्करी के पीड़ितों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और गरीबी उन्मूलन कार्यक्रमों से संबंधित योजनाएं शामिल हैं। मध्यस्थता, मध्यस्थता 2.0 अभियान और सामुदायिक मध्यस्थता को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया गया।

यह थे उपस्थित
कार्यक्रम में विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान, अधिवक्तागण, पैनल अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल, दिव्यांगजन और उनके पालकगण, एनआईएमएचआर के अधिकारीगण, सामाजिक न्याय, पी.एम.डी.के., जनपद पंचायत, नगर पालिका, स्वास्थ्य, आयुष, महिला एवं बाल विकास, श्रम विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी, शिक्षक गण, पैरालीगल वॉलिंटियर्स, सामाजिक कार्यकर्ता एवं एनजीओ, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, स्कूल कॉलेजों के विद्यार्थीगण,एवं आमजन उपस्थित थे।

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