आंदोलन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हो सकते
Congress leader Rahul Gandhi may also join the movement.

DKA. Indore
इंदौर दूषित पानी कांड सोशल मीडिया पर लगातार छाया हुआ हैतो वहीं मीडिया भी लगातार मुद्दा उठा रही है। इसक ेसाथ कांग्रेस ने भी पूरे प्रदेश प्रदर्शन कर घंटा बजा कर विरोध दर्ज किया है।
इंदौर के भागीरथपुरा मुद्दे पर मध्य प्रदेश की राजनीति भी गरमा गई है। कांग्रेस ने दूषित पेयजल के मामले में प्रदेश सरकार की घेराबंदी तेज कर दी है। रविवार को प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस ने प्रदर्शन किए, लेकिन इंदौर में प्रदर्शन नहीं हुए, जबकि शनिवार को पुलिस ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक रमेश मेंदोला के निवास पर पहरा लगाया था। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस इंदौर में बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। प्रदेशभर से कांग्रेस के कार्यकर्ता इंदौर आएंगे। 11 जनवरी इसकी तारीख तय की गई है। आंदोलन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं। इसकी तैयारियां प्रदेेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुरू कर दी है। वे रविवार को इंदौर आए और आंदोलन की रुपरेखा तैयार करने में जुट गए है। गांधी भवन में उन्होंने इस बारे में एक बैठक भी ली है।
विपक्ष का सरकार पर हमला
इस मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इन मौतों को सामान्य मृत्यु न बताते हुए हत्या करार दिया है। उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी के आधार पर इंदौर के प्रभारी मंत्री और मुख्यमंत्री मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव के इस्तीफे की मांग की है। पटवारी ने कहा कि जिस शहर ने स्वच्छता में कीर्तिमान रचे, वहां दूषित पानी से मौतें होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
11 जनवरी से जन जागरण करेगी कांग्रेस
जीतू पटवारी ने घोषणा की है कि कांग्रेस पार्टी 11 जनवरी से इंदौर की गलियों में जाकर जनता को जागरूक करने का अभियान शुरू करेगी। उन्होंने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां सभी विधायक और पार्षद भाजपा के हैं, वहां की जनता आज मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छ पेयजल के लिए तरस रही है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी बात कही है।
सीएम और मंत्री सबसे बड़े दोषी
जीतू पटवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय इस घटना के सबसे बड़े दोषी हैं। इन दोनों को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। इस घटना से पूरी दुनिया में इंदौर का नाम खराब हो गया है।
विजयवर्गीय ने रेसिडेंसी में अचानक बैठक बुलाई
रविवार शाम मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रेसिडेंसी में अचानक बैठक बुलाई। इसमें मंत्री तुलसी सिलावट के साथ शहर के सभी विधायकों को बुलाया गया। कलेक्टर शिवम् वर्मा, निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल और महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी बैठक में पहुंचे।
बैठक के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि सीएम ने इंदौर के लिए निर्देश दिए हैं कि 48 घंटे के अंदर हर शिकायत हल होना चाहिए। हम सभी की एक ही प्राथमिकता है कि सब लोग मिलकर जनता की समस्याओं को तुरंत दूर करें। आज इसी बात पर यह बैठक आयोजित की गई थी। महापौर ने कहा कि अब पूरे शहर में ड्रेनेज और नर्मदा लाइनों की जांच की जाएगी। जहां पर भी परेशानी होगी उसे हम तुरंत दूर करेंगे।
प्रदेशभर में कांग्रेस के आंदोलन ने बढ़ाई भाजपा की चिंता
भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बैठक आयोजित करने का एक प्रमुख कारण प्रदेशभर में चल रहा कांग्रेस का आंदोलन भी है। कल भागीरथपुरा में कांग्रेस नेताओं के साथ हुई झड़प के बाद आज कांग्रेस पूरे प्रदेश में इस घटना के विरोध में आंदोलन कर रही है। इसी के चलते अचानक यह बैठक आयोजित की गई है।
इंदौर में विरोध करने गए कांग्रेसी नेताओं ने भाजपाइयों के साथ किया चाय नाश्ता
इंदौर में कुछ कांग्रेस नेता दो नंबर क्षेत्र के विधायक रमेश मेंदोला के घर विरोध प्रदर्शन करने गए थे, लेकिन वे नाश्ता-पानी कर लौट गए। कांग्रेस नेता मनोहर रघुवंशी ने बताया कि रविवार सुबह कांग्रेस कार्यकर्ता क्षेत्रीय विधायकों के आवासों का घेराव करने वाले थे। इसी क्रम में वे स्वयं क्षेत्रीय विधायक रमेश मेंदोला के घर पहुंचे थे। रघुवंशी के अनुसार, बाद में जानकारी मिली कि प्रदर्शन रद्द कर दिया गया है। इसके बाद मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें नाश्ता-पानी कराया। इसके बाद सभी कांग्रेसी वहां से वापस लौट गए।
विजयवर्गीय बोले मीडिया से बात नहीं करेंगे
बैठक के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से बात नहीं की। उन्होंने कहा कि मीडिया से बात करने के लिए मना किया गया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि उन्हें मीडिया से बात करने के लिए किसने मना किया है।

